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पत्नी की फटकार - हास्यकर कविता | FullFunCity
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पत्नी की फटकार – हास्यकर कविता

Written by Love

पत्नी की फटकार है अद्भुभुत

अद्भुभुत है पत्नी की मार

पत्नी के ताने सुन सुन कर

खुलते ज्ञान चक्षु के द्वार
दस्यु सुना उत्तर पत्नी का

भरम हो गया अंतर्ध्यान

हार गई पत्नी से दस्युता

बाल्मिकी हुए कवि महान
पत्नी से जब मार पड़ी तो

रोया फूट फूट नादान

कालिदास अनपढ़ मतिमंद

बने कवि विद्वान महान
पत्नी की फटकार सुनी जब

तुलसी भागे छोड़ मकान

राम चरित मानस रच डाला

तुलसीदास भक्त महान

पत्नी छोड़ भागे थे जो जो….

वही बने विद्वान महान

गौतम बुद्ध महावीर तीर्थकर

पत्नी छोड़ बने भगवान
पत्नी छोड़ जो भागा मोदी

हुआ आज है पंत प्रधान
आडवाणी ना छोड़ सके तो

आज तक हैं वो परेशान

नहीँ किया शादी पप्पू ने

ना सुनी पत्नी की तान

इसीलिए करता बकलोली

बना है मूर्ख मूढ़ नादान
आप भी पत्नी छोड़ न पाए

इसीलिए तो हो परेशान

पत्नी छोड़ो बनो सन्यासी

पाओ मोक्ष और निर्वाण

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